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Saturday, January 16, 2010

रिश्तों के दलाल

वैसे तो समाचार पत्रों में अक्सर सभी को चौंका देने वाले समाचार छपते ही रहते है, लेकिन कभी-कभी किसी खबर को पढ़ कर इतनी जोर से झटका लगता है कि सिर ही घूमने लगता है। ऐसा ही समाचार कुछ दिन पहले देश के सभी प्रमुख देैनिक समाचार पत्रो में छपा था कि एक हलवाई ने अढ़ाई रूप्ये वाले चार समोसे 10,000 रूप्ये में एक विदेशी जोड़े को बेच दिये। हमारे यहां सैल्समैनो की कई खतरनाक किस्में पाई जाती है। हर प्रकार के घटिया समान की हजारों खूबीयॉ इस तरह से ब्यान करते है कि हर कोई खुशी-खुशी अपने पर्स का मुंह इनके लिये खोल देता है। यह आपको किस कद्र नुकसान पहुंचा सकते है, आप स्वपन में भी नही सोच सकते।
इनमें सबसे खतरनाक किस्म होती है रिश्तो के दलालो की जिन्हें कुछ लोग मैरिज ब्यूरो का नाम भी देते है। कल तक जो काम पंडिंत और नाई करवाया करते थे, आज उसी काम ने एक अच्छे-खासे उघोग का दर्जा ले लिया है। कुछ कारोबारीयो ने अच्छे खासे एयरकन्ड़ीशनर दफतर बना कर हर जात-बिरादरी और ऊंचे रूतबे वालो लोगो के लिये यह मैरिज ब्यूरो की सेवा शुरू की है। परिवार की हैसीयत के मुताबिक रिश्ता करवाने वाले यह दलाल लोग अब शादी की रकम में से जमीन जयदाद के सोदो की तरह मोटा हिस्सा कमीशन के रूप में मांगने लगे है।
एक और जहां व्यापारी वर्ग अपने कारोबार में लाखो रूप्ये निवेश करके भी इतना पैसा नही कमा सकता जितना यह लोग अपनी जुबान के हेर-फेर में जरूरतमंदो को उलझा कर एक ही दिन में कमा लेते है। एक बार कोई अपने बच्चे के रिश्ते की बात अपने मुंह से इनके सामने निकाल दे, फिर ऐसे लोग उसका पीछा तब तक नही छोडते जब तक दुल्हन उनके घर नही पहुंच जाती।
अपनी कमीशन के लालच में चाहे यह आपके परिवार के बारे में कुछ जानते है या नही लेकिन यह एक दूसरे को दुल्हे-दुल्हन की इतनी खूबीयॉ गिनवाते है कि आप के पास उस रिश्ते को हां कहने के इलावा कोई चारा ही बचता। अब लड़का चाहे सड़क पर शाम को नीम का दातून बेचता हो, उसे यह टिम्बर मचैंन्ट बना कर ही लड़की वालो के सामने पैश करते है। विदेश से आऐ हुए चपरासी और ड्राईवर को भी एक रईसजादे की तरह से आपको मिलवायेगे। अब शादी के बाद ऐसे रिश्ते कोई कितने दिन तक निभा सकता है, इससे इनका कुछ लेना-देना नही होता।
उस दिन एक ऐसे ही शादी करवाने वाले मैरिज ब्यूरो के दफतर में जाने का मौका मिला तो मैं उनके काम करने के तरीके को देख हैरत में आ गया। इनके यहां सभी काम करने वाले लोग गिरगिट से जल्दी रंग बदलने में माहिर थे। दूसरे कमरे में दो परिवारो के बीच शादी की बातचीत चल रही थी। अचानक लड़के के पिता का मोबईल फोन बज उठा। दूसरी तरफ से आवाज आ रही थी कि 50 कार 50 मोटर साईकल और 60 स्कूटर भेज रहा  हूँ। लड़के के पिता ने कहा कि तुम्हारी कार तो बहुत मंहगी है, अगर रेट कुछ कम करो तो फिर चाहे 100 भिजवा देना। रिश्तो के दलाल ने दबी आवाज में लड़की के पिता से कहा कि इतनी मोटी पार्टी तो बहुत ही किस्मत वालो को ही मिलती है, अब देरी मत करो अभी ही शगुन की मिठाई जल्दी से मंगवा लो। आपकी बेटी तो रानी बन कर रहेगी। इससे पहले कि लड़की के मां-बाप लड़के के पिता से कुछ और पूछते मैरिज ब्यूरो के मालिक ने कहा कि इनकी तरफ से तो हां है। अब तो आप भी जल्दी से सगाई की अंगूठी मंगवा लो।
लड़की के माता-पिता लड़के वालो की बातचीत से काफी प्रभावित होते हुए बिना और कुछ भी जाने हां कह गये। जब लड़की वाले चले गये तो मैरिज ब्यूरो वाले ने पूछा कि आपका यह कार और स्कूटर का शोरूम किस शहर में है। लड़के के पिता ने कहा कि हमारा तो कोई ऐसा शोरूम नही है। दलाल ने हैरान होते हुए पूछा कि आप अभी 50 कारे, स्कूटर और मोटर-साईकल आदि मंगवा रहे थे। अब लड़के के पिता को सारी बात समझ आ गई, उसने उस दलाल को बताया कि हमारी तो एक छोठी सी खिलानो की दुकान है। यह सारा आर्डर उन खिलोनो का ही था। अब यह रिश्तो का दलाल दोनो पार्टीयो से मोटी रकम कमीशन के रूप में ले चुका था। यह सुनने के बाद उसके चेहरे पर घबराहट की लकीरे साफ झलक रही थी, साथ ही उसे यह डर सता रहा था कि अब लड़की के पिता को क्या मुंह दिखायेगा।
जौली अंकल ठीक ही कहते है कि कपटी और मक्कार लोग दूसरो को बेवकूफ बना कर थोड़ी देर के लिये तो खुश हो जाते है, लेकिन असलियत खुलने पर उन्हे सबके सामने जलील होकर रोना ही पड़ता है।  

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